सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

hariyalo rajasthan अभियान राजस्थान ! जाने

हरियालो राजस्थान योजना राजस्थान सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य राज्य को हरित और सुंदर बनाना है। इस योजना के तहत, राज्य सरकार वृक्षारोपण, जल संचयन और अन्य पर्यावरण संबंधी कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। *मुख्य उद्देश्य:* - राज्य में वृक्षारोपण को बढ़ावा देना और वन क्षेत्र को बढ़ाना - जल संचयन और जल संरक्षण को प्रोत्साहित करना - पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम करना - राज्य को सुंदर और हरित बनाना *कार्यक्रम और गतिविधियाँ:* - वृक्षारोपण अभियान: राज्य सरकार वृक्षारोपण अभियान चला रही है, जिसमें लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। - जल संचयन: राज्य सरकार जल संचयन के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रही है, जैसे कि वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण। - पर्यावरण संरक्षण: राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रही है, जैसे कि प्रदूषण नियंत्रण और वन संरक्षण। *लाभ:* - राज्य को हरित और सुंदर बनाने में मदद मिलेगी - पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी - जल संचयन और जल संरक्षण में मदद मिलेगी - लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागर...

Lord Shree Ram !! Quotes , wallpaper hd 10+ latest Quotes

 जिनके मन में श्री राम है,
भाग्य में उसके वैकुण्ठ धाम है,
उनके चरणो में जिसने जीवन वार दिया,
संसार में उसका कल्याण है.
जिया श्री राम...! जय श्री राम...!



 श्री राम जय राम जय जय राम,
हरे राम हरे राम हरे राम,
हनुमान जी की तरह जपते जाओ ,
अपनी सारी बाधाएं दूर करते जाओ,
JAI SHREE RAM


 राम जिनका नाम है, अयोध्या जिनका धाम है,
ऐसे रघुनंदन को, हमारा प्रणाम है,
आपको और आपके परिवार को
 ** जय श्री राम ** ** जय श्री राम **



 राम जी की ज्योति से नूर मील है,
सबके दिलो को शूरुर मिल्ता है,
जो भी जाम है राम जी के द्वार,
कुछ ना कुछ जरुर मिल गया है.
“ जय श्री राम ”

 हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही
दुश्मन के शोर से पता चलता है !
बोलो सिया पति राम चंद्र की जय....!!


 जो तुम सोचते हो माना वो सही है
पर बात वो ही सही है , जो हमने कही है !
!!...जय..श्री..राम..!!



 शोक उचे है रुतबा ऊँचा है
राम भक्तो के आगे ये ज़माना झुकता है !
श्री राम जय राम जय जय राम !!



 हकूमत दूसरों के दम पर तो कोई भी कर ले ,
जो अपने दम पर छा जाए, वो हम है..!!
    !!..जय श्री राम..!!



 सुप्रीम कोर्ट कहती है की राम भक्तो को आरक्षण की जरूरत नही है,
एक बात बताता हु मै की आरक्षण की क्या,
हम रामभक्तो को सुप्रीम कोर्ट की भी जरूरत नही है ।

Jai jai shree ram ....



 जिस दिन रामभक्तो की सरकार बन गई ना तो..
अयोध्या में राम मन्दिर क्या.
पाकिस्तान में भी माँ भवानी का झंडा गर देगें
जय श्री राम



असली रामभक्त -
अन्य के लिए जो रक्त बहाये
मातृभूमि का जो देशभक्त कहलाये
गर्जन से शत्रु का तख़्त हिलाये
असुरो से पृथ्वी को विरक्त कराये
वही असली राम भक्त कहलाये.!
जय श्री राम....!!



 कोई अपने आप को बादशाह
समझता है… तो कोई एक्का ….
अरे जाके बोलदो उस बादशाह और एक्के से …..
रामभक्त की एंट्री हो गई है….
बोलो जय श्री राम ***

Jai jai shree ram







टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Say No To Reservation : Social Equal opportunity

💧💧 कांग्रेस के ‘दलित नायक’ मल्लिकार्जुन खड्गे की कुल संपत्ति के बारे में जानेंगे तो आपके हॊश उड़ जायेंगे। जाति के नाम पर आरक्षण एक अभिशाप है। देश के विकास में बाधा डालनेव...

भारत में मुस्लिम साम्राज्य का विस्तार (भाग 1 )

 "मातृभूमि का रक्षक वो हिंदू सूर्य महान है, राजपूतों की शान वो पृथ्वीराज चौहान है" पृथ्वीराज चौहान तृतीय और मोहम्मद गौरी - सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजपूत शक्ति का देदीप्यमान सूरज जिन्होंने अजमेर और दिल्ली पर शासन किया , वह अंतिम हिंदु शासक थे जिन्होंने दिल्ली पर राज किया । पृथ्वीराज चौहान और मोहमद गौरी के मध्य दो ऐतिहासिक युद्ध लड़े गए जो भारत में मुस्लिम सत्ता की नीव डालने वाले थे ।  जो कि गजनी का शासक था वह साम्राज्य विस्तार में पंजाब तक आ गया और पंजाब के कुछ हिस्से कब्जा जमा लिया था।  तराइन प्रथम युद्ध -  तराइन का प्रथम युद्ध 1191 ईस्वी में भटिंडा के पास तराइन के मैदान में लडा गया और इस युद्ध में राजपूत वीरों ने मुस्लिम आक्रांताओं को भगा दिया और इस युद्ध में पृथ्वी राज चौहान की विजय हुई इस युद्ध की भूल यह थी कि पृथ्वीराज चौहान ने गौरी को क्षमा दान दिया यह ऐतिहासिक भूल थी। तराइन द्वितीय युद्ध - यह युद्ध 1192ईस्वी में लडा गया और यह उसी जगह लडा गया । गौरी प्रथम युद्ध की हार के बाद बदला लेने को आतुर था और उसने षड्यंत्रों का सहारा लिया और पृथ्वीराज के शत्रु जयचंद गहरवाल...

बंद कमरे में कभी अंगीठी जलाकर नही सोना ??? : infinity studies

____==== बंद कमरे में अंगीठी क्यों न जलाये ===__ दोस्तों जनवरी के महीने में भारत के उत्तरी हिस्से में  सर्दी का प्रकोप बहुत ज्यादा है और लोग इस से बचने के लिए बहुत से उपाय कर रहे है कोई हीटर जला रहा तो कोई अंगीठी ।    तो दोस्तों जो हीटर और अंगीठी जला रहे है वो थोडा सावधानी से इसे उसे करे क्योकि जब आप इसका उसे करे तो हवा के पास होने को जगह जरूर दे और बंद कमरे में इन्हें कभी ना जलाये , तो इसे न जलाने का कारण क्या है तो सीधा सा जवाब देता हु 'हवा में मौजूद ऑक्सिजन को ये कम करने का काम ये करती है' अब आप कहेगे कैसे तो दोस्तों जब आप बंद कमरे में अंगीठी जलती है तब वहाँ लिमिट में ऑक्सिजन मौजूद रहती है और जब ये धीरे धीरे ख़त्म हो जाती है वहाँ पर कार्बन मोनो oxcide नाम की गैस जो की जहरीली होती है वो ले लेती है ये गैस बेहोशी लती है फिर यह खून के साथ जहर का काम करके आपको कुछ ही घंटो में मार डालती है ये मौत बेहोशी में ही हो जाती है । ऐसी घटनाये अब बोहूत हो रही है तो आपको इस लेख को ज्यादा से ज्यादा अपने दोस्तों तक जरूर बताये ।