सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

hariyalo rajasthan अभियान राजस्थान ! जाने

हरियालो राजस्थान योजना राजस्थान सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य राज्य को हरित और सुंदर बनाना है। इस योजना के तहत, राज्य सरकार वृक्षारोपण, जल संचयन और अन्य पर्यावरण संबंधी कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। *मुख्य उद्देश्य:* - राज्य में वृक्षारोपण को बढ़ावा देना और वन क्षेत्र को बढ़ाना - जल संचयन और जल संरक्षण को प्रोत्साहित करना - पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम करना - राज्य को सुंदर और हरित बनाना *कार्यक्रम और गतिविधियाँ:* - वृक्षारोपण अभियान: राज्य सरकार वृक्षारोपण अभियान चला रही है, जिसमें लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। - जल संचयन: राज्य सरकार जल संचयन के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रही है, जैसे कि वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण। - पर्यावरण संरक्षण: राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रही है, जैसे कि प्रदूषण नियंत्रण और वन संरक्षण। *लाभ:* - राज्य को हरित और सुंदर बनाने में मदद मिलेगी - पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी - जल संचयन और जल संरक्षण में मदद मिलेगी - लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागर...

महंगी गाडियो में चकाचोंध क्यों नही होती : about poleroid

  रात में गाड़ी चलाते समय आँख में सामने से आने वाली गाडियो की लाइट चमक चका चौन्ध पैदा कर देती है क्या ये सब महँगी गाडियो में होता है ?
और सूरज के सामने देखने पर होने वाली चका चौन्ध को कैसे दूर करे या कम किआ जा सकता है तो विज्ञान में इसका भी इलाज़ है ... जी हां आज बात करते है 'पोलेरोइड' के बारे में ।
यानि प्रकाश को उसके दो घटको लंबवत और समान्तर घटको मेसे  एक को प्रथक करने वाला यंत्र ।।
   यानि अधुर्वित प्रकाश को धुर्वित प्रकाश में बदलने वाला सस्ता उपकरण आपके पास पोलेरोइड होता है ।
   यह कुनैन का आयोडोसुल्फ़ेट या हरपेथाईट नाम का कार्बनिक योगिक के छोटे छोटे क्रिस्टल पर निट्रोसैल्युलोज़ के बोहोत पतली फ़िल्म यानि परत चढ़ा देते है जिससे सभी क्रिस्टल के प्रकाशिक अक्ष एक दिशा में यानि समान्तर आ जाये  ये द्विवर्णता के गुण वाले क्रिस्टल होते है ये फ़िल्म कांच के दो प्लेटो के बिच में रख देते हैऔर ये पोलेरोइड तैयार  हो जाता है  ।
जब अध्रवित प्रकाश आता है तो उसमे लंबवत ओर समान्तर घटक दोनों होते है तो एक घटक जो समान्तर होता है वह तो जाने दिया जाता है बाकि धीरे धीरे अवशोषित हो जाता है और निर्गत प्रकाश समतल धुर्वित होता है और प्रकाश की तीव्रता भी कम हो जाती है यह आधी हो जाती है और चकाचोंध भी नही उत्पन्न करता है।।
इसका उपयोग गाडियो , धुप के चश्मो और 3d फिल्मो को बनाने और देखने के लिए किया जाता है ।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Life Quotes : A Journey of Hope

_____A Journey of Hope_____       एक यात्रा जो प्रेम की , आस्था की, एक विश्वास की हो एक सार्थक यात्रा है ,मनुष्य जीवन एक यात्रा है और भावनाये इसके अहसासों को दिखाती है ,आप कहेगे की मे झूठ बोल रहा हु तो आ...

Rajsthan Competitive Exam Gk Question ( Daily Update ) : Infinity Studies

To the point ~~~  नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन 👇 ➡️ हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन योजना लागू करने का ऐलान किया है| ➡️ इस योजना के तहत प्रत्येक देशवासी को एक हेल्थ आइडी दी जाएगी, जिसमें उसके स्वास्थ्य का पूरा लेखा-जोखा रहेगा| ➡️ इसके तहत पर्सनल मेडिकल रिकॉर्ड, जांच केंद्र, मेडिकल संस्थान और स्टेट मेडिकल काउंसिल को डिजिटाइज किया जाएगा| ➡️ लागू करने वाला निकाय- National Health Authority ➡️ उद्देश्य 👇 देश के नागरिकों का एक डिजिटल हेल्थ सिस्टम बनाना और हेल्थ डाटा को मैनेज करना है| ➡️ लाभ 👇 ✔️पर्सनल हेल्थ केयर रिकॉर्ड ✔️निजी डॉक्टर की सुविधा ✔️हेल्थ फैसिलिटी रजिस्टर ✔️ई-फार्मेसी व टेलिमेडिसिन की सुविधा ➡️ प्रारंभ में लागू 👇 ✔️चंडीगढ़ ✔️लद्दाख ✔️दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव ✔️पुदुचेरी ✔️अंडमान निकोबार ✔️लक्षद्वीप To the point-👉  News-🗞👇  👇 ✅ सुर्ख़ियों में– स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर चैलेंज 👇 ➡️ हाल ही में केंद्र सरकार ने 'स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर चैलेंज' लॉन्च किया है| ➡️ यह चैलेंज आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत शुरू किया गया घटक ह...
नोट:ये कहानी एक लक्ष्मी नाम की लड़की की है एक बेटी की कलम से हर पिता को समर्पित__ __________मैं बेटी हूँ बोझ नहीं ___________ यह सब मैं इसलिए कह रही हूँ क्योंकि ऐसा मैं फील करती हूँ। एक लड़की थी जब उसका जन्म होने वाला था तब उसके दादा दादी और घर के रिश्तेदार जश्न की तैयारी कर रहे थे क्योंकि उन्हें लगता था कि लड़का होगा पर ऐसा नहीं था, लड़की हुई। जब लोगों ने उसे देखा और जिस नाम से उसे पुकारा वो था – “कुलक्ष्मी” अपशगुनी नाम सुनने में अजीब लग रहा है ना लेकिन वो लड़की मुस्कुरा रही थी अपना नया नाम सुनकर, सोच रही थी कि किसी जन्नत में आ गयी हूँ मैं। लेकिन लोग मुझे छू भी नहीं रहे हैं ऐसा लगता है मानो मुझे कोई बीमारी है। जो जश्न मनाने आये थे वो भी चले गए। मुझे लोग मारना चाह रहे थे सोच रहे थे, लड़की हूँ और बदनामी के सिवा दे भी क्या सकती हूँ। केवल एक इंसान जो मेरा पूरा साथ दे रहा था, वो थी मेरी माँ। जिसने मुझे दुनिया की नजरों से बहुत दूर भेज दिया, दुनिया की नज़रों में तो मैं मर चुकी थी लेकिन मैं तो अनाथालय में थी। मेरा भरा पूरा परिवार था लेकिन फिर भी मैं अनाथालय में थी कितना अजीब है ना। ऐसा कोई दिन नहीं ...