सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

hariyalo rajasthan अभियान राजस्थान ! जाने

हरियालो राजस्थान योजना राजस्थान सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य राज्य को हरित और सुंदर बनाना है। इस योजना के तहत, राज्य सरकार वृक्षारोपण, जल संचयन और अन्य पर्यावरण संबंधी कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। *मुख्य उद्देश्य:* - राज्य में वृक्षारोपण को बढ़ावा देना और वन क्षेत्र को बढ़ाना - जल संचयन और जल संरक्षण को प्रोत्साहित करना - पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम करना - राज्य को सुंदर और हरित बनाना *कार्यक्रम और गतिविधियाँ:* - वृक्षारोपण अभियान: राज्य सरकार वृक्षारोपण अभियान चला रही है, जिसमें लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। - जल संचयन: राज्य सरकार जल संचयन के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रही है, जैसे कि वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण। - पर्यावरण संरक्षण: राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रही है, जैसे कि प्रदूषण नियंत्रण और वन संरक्षण। *लाभ:* - राज्य को हरित और सुंदर बनाने में मदद मिलेगी - पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी - जल संचयन और जल संरक्षण में मदद मिलेगी - लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागर...

कपालभाती प्राणायाम : प्राणायाम के लाभ, करने का तरीका ( योग का महत्व )


'पहला सुख निरोगी काया'

अगर आपके पास समय कम है, तो योग और प्रणायाम स्वस्थ रहने के लिए किये जाने वाले सर्वोत्तम उपाय है । और इसके लिए आपको ट्रेनर या जिम जाने की भी आवश्यकता नही है । कपालभाती आसन एक ऐसा आसन है जिसमें सभी योगासनों का फायदा प्राप्त होता है ।
कपालभाती प्राणायाम को जीवन की संजीवनी कहा जाता है।कपालभाती प्राणायाम को हठयोग में शामिल किया गया है।सांसों को अंदर-बाहर धक्का देना होता है, सांस लेने से बचना है प्राणायाम के वक्त ।

दिनभर तमाम काम करते हुए आप थक जाते हैं। काम के कारण आपका खान-पान भी अनियमित रहता है और आपके पास एक्सरसाइज का भी टाइम नहीं रहता है। ये आदत आपको धीरे-धीरे बीमार बनाती है। अगर आपके पास समय कम है, तो योग और प्रणायाम स्वस्थ रहने के लिए सबसे अच्छा वकल्प है। कपालभाती प्राणायाम एक ऐसा आसन है जिसमें सभी योगासनों का फायदा मिलता है। इसलिए इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें और निरोग रहें।

योग की हर क्रिया कारगर होती है, लेकिन बात जब कपालभाती प्राणायाम की होती है तो इसे जीवन की संजीवनी कहा जाता है। कपालभाती प्राणायाम को सबसे कारगर माना जाता है। कपालभाती प्राणायाम को हठयोग में शामिल किया गया है। योग के आसनों में यह सबसे कारगर प्राणायाम माना जाता है। यह तेजी से की जाने वाली एक रोचक प्रक्रिया है। दिमाग आगे के हिस्‍से को कपाल कहते हैं और भाती का अर्थ ज्योति होता है। कपालभाती प्राणायाम करने के सही तरीके और इससे होने वाले फायदों के बारे में हम आपको बताते हैं।

कैसे करें यह आसान -

कपालभाती प्राणायाम करने के लिए सिद्धासन, पद्मासन या वज्रासन में बैठकर सांसों को बाहर छोड़ने की क्रिया करें। सांसों को बाहर छोड़ने या फेंकते समय पेट को अंदर की तरफ धक्का देना है। ध्यान रखें कि सांस लेना नहीं है क्योंकि उक्त क्रिया में सांस अपने आप ही अंदर चली जाती है। कपालभाती प्राणायाम करते समय मूल आधार चक्र पर ध्यान केंद्रित करना होता है। इससे मूल आधार चक्र जाग्रत होकर कुं‍डलिनी शक्ति जागृत होने में मदद मिलती है। कपालभाती प्राणायाम करते समय ऐसा सोचना है कि हमारे शरीर के सारे नकारात्‍मक तत्व शरीर से बाहर जा रहे हैं।

इस आसन के फायदे -

कपालभाति प्रणायाम की मदद से आप अपने शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकाल सकते हैं।ये लिवर और किडनी को बेहतर काम करने लायक बनाता है।इस प्रणायाम से थकान कम होती है और शरीर में स्फूर्ति आती है।ये आंखों के नीचे के काले घेरों को भी ठीक करता है।कपालभाति प्रणायाम से ब्लड सर्कुलेशन ठीक होता है और शरीर का मेटाबॉलिज्म अच्छा होता है।ब्लड सर्कुलेशन ठीक होने के कारण आपका दिमाग अच्छी तरह काम करता है।इस प्रणायाम से फेफड़ों का फंक्शन भी अच्छा हो जाता है।नियमित अभ्यास से स्मरण शक्ति और दिमाग तेज होता है।

दूर होते हैं कई रोग -

इससे दांतों और बालों के सभी प्रकार के रोग दूर हो जाते हैं। शरीर की अतिरिक्‍त चर्बी कम होती है खासकर पेट की, यानी यह वजन कम करने में भी कारगर आसन है। इसे अलावा इसके नियमित अभ्‍यास करने से कब्ज, गैस, एसिडिटी जैसी पेट से संबंधित समस्या भी दूर हो जाती है।
कपालभाती प्राणायाम का सबसे ज्याद प्रभाव पड़ता है शरीर और मन पर, क्‍योंकि यह मन से नकारात्‍मक तत्‍वों को दूर कर सकारात्‍मकता लाता है। थायराइड, चर्म रोग, आंखों की समस्‍या, दांतों की समस्‍या, महिलाओं की समस्‍या, डायबिटीज, कैंसर, हीमोग्‍लोबिन का स्‍तर सामान्‍य करना, किडनी को मजबूत बनाने जैसे सभी तरह की समस्‍याओं को दूर करने की क्षमता होती है। यानी यह एक ऐसा आसन है जो सभी तरह की समस्‍याओं का उपचार करता  है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

क्यों तैरते है पानी में जहाज़ : science facts

      विज्ञान की दुनिया अनोखी और रोचक है , आप इसके बारे में जितना जानो कम ही है ।      जहाज़ इतने बड़े और लोहे के बने होते है और इनका वजन कई टन में होता है लेकिन आप देखते है ये नदी हो य...

Donate A Car For Charity - Black Holl

        ___'Donate A Car For Charity'____ Donate Means A thing that you give any person for his need ....for god cause Here i tell about "donate A Car" This is about srivardhan who is merchant in srinagar .. who often travels for his business in small town's for 'Apple' ..he was fruits merchant he gots good return from this business ... Once srivardhan travelling near a river where he see some youngster servings trible people who has no home he go there and asking them how you management this things from city ..how you take so many things from city they said it is difficult but they hardly manage then he said i will 'Donate A Car' for this noble cause he insure the youngster next time they came on car a do noble cause and spread happiness .. he donate a car 'swift' worth three lakh ........ The moral is that money is not powerful 'Donations of love' Is powerful .........               After three year the yougster spread giving food...

क्या चाँद पर वायुमंडल है ?? : Interesting Science facts

          _____चाँद पर वायुमंडल_____    विज्ञान की दुनिया अनोखी और रोचक है यह जितनी देखी खोजी जाती है उतना ही इसमें विस्तार आता जाता है यह उसी तरह है जेसे हम रेत के पर्वत का एक कण उठा रहे हो । विज्ञान जितना मजेदार और रोचक है उतना समझने वाला विषय भी है तो आज का विषय है अपने "चाँद का वायुमंडल" |           हा तो क्या वायुमंडल है ? अगर है तो वह दिखाई क्यों नही देता है और अगर नही है तो उसके पीछे का वैज्ञानिक कारण क्या है ?? यही सब आज हम जानेंगे !!            पहले तो आप सब को पता होगा की वायुमंडल है क्या 'वायुमंडल एक गैसों का समूह है जो ग्रह के चारो और मौजूद रहता है और एक परत बनाता है और वह परत घनत्व में अलग अलग होती है जेसे जेसे हम वायुमंडल में घुसते चले जाते है वह परत उतनी सघन होती चली जाती है  जेसे आप समझ ही गए होंगे की जेसे जेसे धरती के ऊपर जाते है हवा की सघनता घटती जाती है क्योकि वहाँ कई गेंस मौजूद नही रहती है जेसे 'ऑ...