सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

hariyalo rajasthan अभियान राजस्थान ! जाने

हरियालो राजस्थान योजना राजस्थान सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य राज्य को हरित और सुंदर बनाना है। इस योजना के तहत, राज्य सरकार वृक्षारोपण, जल संचयन और अन्य पर्यावरण संबंधी कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। *मुख्य उद्देश्य:* - राज्य में वृक्षारोपण को बढ़ावा देना और वन क्षेत्र को बढ़ाना - जल संचयन और जल संरक्षण को प्रोत्साहित करना - पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम करना - राज्य को सुंदर और हरित बनाना *कार्यक्रम और गतिविधियाँ:* - वृक्षारोपण अभियान: राज्य सरकार वृक्षारोपण अभियान चला रही है, जिसमें लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। - जल संचयन: राज्य सरकार जल संचयन के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रही है, जैसे कि वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण। - पर्यावरण संरक्षण: राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रही है, जैसे कि प्रदूषण नियंत्रण और वन संरक्षण। *लाभ:* - राज्य को हरित और सुंदर बनाने में मदद मिलेगी - पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी - जल संचयन और जल संरक्षण में मदद मिलेगी - लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागर...

जेड प्लांट के फायदे [ scientific credible benefits of Jade plant ]

        _benifits of Jade plant__. 

              जेड प्लांट के बारे में एक बात मशहूर है कि यह प्लांट जहां भी लगाया जाता है वहां खुशियां अवश्य  लेकर आता है और जेड प्लांट को लकी प्लांट भी कहते हैं और जेड प्लांट की खूबियां यह है कि यदि आप जेड प्लांट को अपने घर की बालकनी टेरेस्ट पर लगाते हैं तो एक तो यह आपकी गार्डन की शोभा बढ़ाता है साथ ही साथ यह घर की पॉजिटिव एनर्जी को भी बढ़ाता है इस प्लांट को मनी प्लांट की तरह एक धन सुख समृद्धि का सूचक माना गया है यह मूल रूप से दक्षिण अफ्रीका का प्लांट है और विश्व भर के अंदर लोगों के द्वारा अपने घरों में सुशोभित किया जाता है |
.           "crasula ovata" plant
     
              जेड प्लांट को पहचानने के लिए इसकी पत्तियां ओवल शेप में होती है और यह एक छोटे से पेड़ के रूप में होता है जैसे पेड़ में तना होता है उसी तरह जेड प्लांट में डालियां और तना होता है
        तब हम बात करते हैं कि जेड प्लांट को किस दिशा के अंदर लगाना चाहिए कि यह घर की वास्तु के हिसाब से सही दिशा के अंदर लगे तो सबसे पहले हम एक बात जरूर देखें कि हम जिस दिशा के अंदर जेड प्लांट को लगाएं वहां पर भरपूर सूर्य की रोशनी 3 से 4 घंटे रहनी चाहिए और जेड प्लांट को गर्मियों में प्रतिदिन पानी देना चाहिए और इसे हमेशा दक्षिण पूर्व की दिशा के अंदर लगाना उचित रहता है तो आप जेड प्लांट को लगाते समय इस दिशा को चुनें जिससे श्री गणेश जी की दिशा में आप इसे लगा पाएंगे और यह आपकी समृद्धि में एक योजक होगा जेड प्लांट और मनी प्लांट दोनों अगर साथ साथ हो तो यह दोनों प्लांट वातावरण को शुद्ध करने में भी सहायक हैं तो आप इन दो प्लांटों को अवश्य अपने घर की गार्डन में जरूर लगाएं |

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

क्या दूसरे ग्रह के लोग धरती पर मौजूद है या थे ??

विज्ञान की दुनिया एक असीम असंख्य सीमा का ज्ञान है , जहा जा पाना और उसे पा पाना उसी तरह असंभव सा लगता है जैसे सूरज के पास जा पाना ।  अब आज का विज्ञान ब्रह्मांड के दूसरे संजीवो को खोजने में लगा है,और धरती के लगभग सभी अंतरिक्ष अनुसंधान वाले मंगल तक पहुंच चुके है । लेकिन अभी भी एलियन की खोज होना बाकी है जिसे अभी कपोल कल्पना ही माना है लेकिन सोचने की बात ये है की धरती पर मानव है उसी तरह इस ब्रह्मांड की कोई और धरती होगी और वहा के वासी भी होगे । और हो सके तो उनकी पहुंच अपनी धरती तक हो गई हो जो हमारे बीच ही रह रहे हो जैसे की जासूस ?? क्या जाने इसमें कितनी सचाई है या मेरी कल्पना बाकी उनकी कहानियां इन दिनों बहुत सी जगह सुनने में आती है सबसे ज्यादा अमेरिका तो क्या अमेरिका के एलियन से कोई संबंध या एलियन का उस धरती से सीधा जुड़ाव लगता है। सुनने में हैरान करता है की वहा की फिल्मों में इस तरह की चीज़े दिखाई गई है जैसे की "Men in black" और "Stranger things" में । बाकी आप अपनी राय जरूर बताएं ।

क्या सींग काटने से बचेंगे गेण्डे ?? ( South Africa dehorns dozens of Rhino to save them )

________ ◆इंसानी लालच के शिकार गेण्डे ◆_____ कोरोना के कारण वातावरण शुद्ध होने का समय मिला है और नदिया साफ होने लगी है और इंसानो को भी अपनी  गलतियां नज़र आने लगी है , परंतु एक जीव है जो lockdown की वजह से खतरे की कगार पर है । 'गेंडा' जी हां ये जिव लुप्तप्राय श्रेणी का जीव है और इस गेण्डे की संख्या अफ्रीका में 5600 के बराबर है । ये जिव जो की धरती का 3 करोड साल पुराना वासी है आज अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहा है।  आखिर क्यों?? को गेण्डे धरती पर लुप्त होने की कगार पर आ चुके है। इसका कारण है 'इंसानी लालच' गैंडो का शिकार - गेण्डे भारत में पाये जाते हैं और साथ में अफ्रीका में भी मौजूद है पर दोनों जगह ये लुप्त होने को  है इसका कारण है 'इंसानी शिकार' और उनका लालच । बीते वर्षो में हज़ारो गैंडो को सिर्फ उनके सींगो के लिए मार दिया जाता है क्यों गेण्डे के सींग 45 लाख रुपये किलो के बिकते है और शिकारी इस लिए गैंडो का शिकार करते है।  भारत और अफ्रीका में गैंडो के शिकार सिर्फ सींग के लिए होता है और सिंग से दवाइयों और सजावटी समान बनाया जाता है ज...

एलियन है या नही !! नासा की खोज

परग्रही जीव या जिन्हे हम एलियन कहते है उनके बारे में सभी जानना चाहते है और सभी बड़ी एजेंसियां जो संसार में जीवन की तलाश में है लगी हुई है की वास्तव में इस तरह का जीवन धरती के अलावा कोई और जगह भी हो सकता है या नही।  लेकिन विज्ञान के मूलभूत नियम की मानव को जीने के लिए पानी और ऑक्सीजन की आवश्यकता है तो क्या परग्रही को भी जीने के लिए इसकी आवश्कता होगी?? मेरे मायने में नही क्योंकि वह अगर ऐसे ग्रह पर हो जहा का वातावरण इस तरह का हो जहा न पानी हो न ऑक्सीजन तब भी जीवन की ऐसी खोज निकल जाए जो अनुकलन प्राप्त कर चुकी हो कहने को असंभव लगे लेकिन होने में हो सकता है। यह भी पढ़े हमसे प्रकाश वर्षो की दूरी पर जहा हम सिर्फ बड़े बड़े टेलिस्कोप से जा सकते हो वहा जीवन की तलाश करना असंभव सा लगता है लेकिन हमे जाना है तो कुछ असंभव ही संभव करना होगा जैसे की इंटरस्टेलर मूवी जो स्पेस जीवन की मिसाल है में हुवा ।