सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

hariyalo rajasthan अभियान राजस्थान ! जाने

हरियालो राजस्थान योजना राजस्थान सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य राज्य को हरित और सुंदर बनाना है। इस योजना के तहत, राज्य सरकार वृक्षारोपण, जल संचयन और अन्य पर्यावरण संबंधी कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। *मुख्य उद्देश्य:* - राज्य में वृक्षारोपण को बढ़ावा देना और वन क्षेत्र को बढ़ाना - जल संचयन और जल संरक्षण को प्रोत्साहित करना - पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम करना - राज्य को सुंदर और हरित बनाना *कार्यक्रम और गतिविधियाँ:* - वृक्षारोपण अभियान: राज्य सरकार वृक्षारोपण अभियान चला रही है, जिसमें लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। - जल संचयन: राज्य सरकार जल संचयन के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रही है, जैसे कि वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण। - पर्यावरण संरक्षण: राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रही है, जैसे कि प्रदूषण नियंत्रण और वन संरक्षण। *लाभ:* - राज्य को हरित और सुंदर बनाने में मदद मिलेगी - पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी - जल संचयन और जल संरक्षण में मदद मिलेगी - लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागर...

गुरुत्वाकर्षण क्या है : भारत में गुरुत्वाकर्षण के खिलाफ पहाड़ी पर ऊपर बहता पानी


गुरुत्व आकर्षण नाम से ही स्पष्ट है की ' धरती के गुरुत्व के कारण आकर्षण'

किन्ही दो वस्तुओ के बिच में आकषर्ण होता है यह उनके द्रव्यमान और उनके बिच की दुरी पर निर्भर करता है,
   गुरुत्व के आकर्षण के कारन ही हमे भार महसूस होता है यह हमारे द्रव्यमान और गुरुत्वीय त्वरण 'g' पर निर्भर होता है इसका मान अलग अलग होता है और स्तिथि की सापेक्ष यह बदल जाता है उचाई और गहराई दोनों स्थितियों में यह बढ ज्यादा है,

हमारे धरती का गुरतविय त्वरण अलग है और चाँद का अलग है इसी कारन चाँद पर स्तिथ व्यक्ति का भार धरति पर बेठे व्यक्ति की तुलना में 1/6 गुना कम होता है

अब बात आती है धरती में क्या कहि पर गुरुत्वाकर्षण शून्य या कम हो सकता है तो केई भौगोलिक स्थितियों के कारन केइ जगह ये स्थितियों बन जाती है
वहा पर गुरत्व कम या नगण्य हो जाए तो व्यक्ति हल्का महसूस करता है
भारत में हिमाचल में उल्टा पानी जगह है वहाँ पर पानी की धरा उलटी बहती परतीत होती है वास्तव में यह हमारी आखो का भृम होता है क्योकि जहाँ हम होते है वहा से हमे पहाड़ पर चढ़ाई प्रतीत होती है लेकिन वास्तव में वह ढाल होती है ये पहाड़ी इलाको में मौजूद होता है ये दृस्टि भर्म होता है
ऐसा स्विट्जरलैंड में भी देखने को मिला है ।



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Life Quotes : A Journey of Hope

_____A Journey of Hope_____       एक यात्रा जो प्रेम की , आस्था की, एक विश्वास की हो एक सार्थक यात्रा है ,मनुष्य जीवन एक यात्रा है और भावनाये इसके अहसासों को दिखाती है ,आप कहेगे की मे झूठ बोल रहा हु तो आ...

Rajsthan Competitive Exam Gk Question ( Daily Update ) : Infinity Studies

To the point ~~~  नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन 👇 ➡️ हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन योजना लागू करने का ऐलान किया है| ➡️ इस योजना के तहत प्रत्येक देशवासी को एक हेल्थ आइडी दी जाएगी, जिसमें उसके स्वास्थ्य का पूरा लेखा-जोखा रहेगा| ➡️ इसके तहत पर्सनल मेडिकल रिकॉर्ड, जांच केंद्र, मेडिकल संस्थान और स्टेट मेडिकल काउंसिल को डिजिटाइज किया जाएगा| ➡️ लागू करने वाला निकाय- National Health Authority ➡️ उद्देश्य 👇 देश के नागरिकों का एक डिजिटल हेल्थ सिस्टम बनाना और हेल्थ डाटा को मैनेज करना है| ➡️ लाभ 👇 ✔️पर्सनल हेल्थ केयर रिकॉर्ड ✔️निजी डॉक्टर की सुविधा ✔️हेल्थ फैसिलिटी रजिस्टर ✔️ई-फार्मेसी व टेलिमेडिसिन की सुविधा ➡️ प्रारंभ में लागू 👇 ✔️चंडीगढ़ ✔️लद्दाख ✔️दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव ✔️पुदुचेरी ✔️अंडमान निकोबार ✔️लक्षद्वीप To the point-👉  News-🗞👇  👇 ✅ सुर्ख़ियों में– स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर चैलेंज 👇 ➡️ हाल ही में केंद्र सरकार ने 'स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर चैलेंज' लॉन्च किया है| ➡️ यह चैलेंज आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत शुरू किया गया घटक ह...
नोट:ये कहानी एक लक्ष्मी नाम की लड़की की है एक बेटी की कलम से हर पिता को समर्पित__ __________मैं बेटी हूँ बोझ नहीं ___________ यह सब मैं इसलिए कह रही हूँ क्योंकि ऐसा मैं फील करती हूँ। एक लड़की थी जब उसका जन्म होने वाला था तब उसके दादा दादी और घर के रिश्तेदार जश्न की तैयारी कर रहे थे क्योंकि उन्हें लगता था कि लड़का होगा पर ऐसा नहीं था, लड़की हुई। जब लोगों ने उसे देखा और जिस नाम से उसे पुकारा वो था – “कुलक्ष्मी” अपशगुनी नाम सुनने में अजीब लग रहा है ना लेकिन वो लड़की मुस्कुरा रही थी अपना नया नाम सुनकर, सोच रही थी कि किसी जन्नत में आ गयी हूँ मैं। लेकिन लोग मुझे छू भी नहीं रहे हैं ऐसा लगता है मानो मुझे कोई बीमारी है। जो जश्न मनाने आये थे वो भी चले गए। मुझे लोग मारना चाह रहे थे सोच रहे थे, लड़की हूँ और बदनामी के सिवा दे भी क्या सकती हूँ। केवल एक इंसान जो मेरा पूरा साथ दे रहा था, वो थी मेरी माँ। जिसने मुझे दुनिया की नजरों से बहुत दूर भेज दिया, दुनिया की नज़रों में तो मैं मर चुकी थी लेकिन मैं तो अनाथालय में थी। मेरा भरा पूरा परिवार था लेकिन फिर भी मैं अनाथालय में थी कितना अजीब है ना। ऐसा कोई दिन नहीं ...