सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

hariyalo rajasthan अभियान राजस्थान ! जाने

हरियालो राजस्थान योजना राजस्थान सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य राज्य को हरित और सुंदर बनाना है। इस योजना के तहत, राज्य सरकार वृक्षारोपण, जल संचयन और अन्य पर्यावरण संबंधी कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। *मुख्य उद्देश्य:* - राज्य में वृक्षारोपण को बढ़ावा देना और वन क्षेत्र को बढ़ाना - जल संचयन और जल संरक्षण को प्रोत्साहित करना - पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम करना - राज्य को सुंदर और हरित बनाना *कार्यक्रम और गतिविधियाँ:* - वृक्षारोपण अभियान: राज्य सरकार वृक्षारोपण अभियान चला रही है, जिसमें लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। - जल संचयन: राज्य सरकार जल संचयन के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रही है, जैसे कि वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण। - पर्यावरण संरक्षण: राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रही है, जैसे कि प्रदूषण नियंत्रण और वन संरक्षण। *लाभ:* - राज्य को हरित और सुंदर बनाने में मदद मिलेगी - पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी - जल संचयन और जल संरक्षण में मदद मिलेगी - लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागर...

Air embolism : क्या इंजेक्शन में बुलबुला मार सकता है ?? Air bubble in injection kills you

दोस्तों अगर आप कभी डॉक्टर के पास गए हो या कभी किसी मरीज़ के इंजेक्शन लगाते हुए देखा है , तो आपने एक बात को गौर किया होगा ।

ऐसा देखा गया है कि जब भी किसी को इंजेक्शन लगाया जाता है तो इंजेक्शन लगाने से पहले सीरिंज से थोड़ी सी दवा बाहर निकाल दी जाती है। तो दोस्तों ऐसा करने का कारण ये है कि इंजेक्शन में जो हवा के बुलबुले होते हैं उन्हें बाहर निकालना आवश्यक होता है क्योकि यदि हवा के इन बुलबुलों को सीरिंज से न निकाला जाये तो ये हवा के बुलबुले रक्त के प्रवाह को अवरुद्ध कर सकते हैं, रोक देते है और इसे डॉक्टर की लापरवाही माना जाता है ,
इसे चिकित्सा विज्ञान में एयर ऐम्बॉलिज्म का नाम दिया गया है। ये एक सामान्य प्रक्रिया है किन्तु मानव शरीर के लिए अत्यन्त घातक सिद्ध हो सकती है। ये ठीक वैसा ही है जैसे पानी के पाइप में पत्थर, या किसी प्रकार के कचरे का फंस जाना और यदि कचरा छोटा होता है तो पानी के प्रवाह से निकल सकता है किन्तु यदि ये बड़ा हुआ तो पानी का प्रवाह बंद कर सकता है।

ठीक इसी प्रकार यदि इन बुलबुलों का आकार अत्यन्त सुक्ष्म है या ये कहीं फँसता नहीं है तो कोई भी समस्या नहीं परन्तु यदि ये बुलबुले आकार में बड़े हैं तो फिर ये एक बड़ी समस्या का कारण बन सकते हैं। यदि हवा के ये बुलबुले प्रवाहित होते हुए मानव मस्तिष्क, हृदय या फेफड़ों की ओर पहुँच जाएँ और वहाँ फँस जाएँ तो रक्त का प्रवाह अवरुद्ध हो सकता है और फिर कुछ भी हो सकता है यहा तक की जान जाने का भी खतरा रहता है ।
तो जरूर गौर करियेगा
अपनी राय कमेंट में जरूर दे और शेयर करे ।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Say No To Reservation : Social Equal opportunity

💧💧 कांग्रेस के ‘दलित नायक’ मल्लिकार्जुन खड्गे की कुल संपत्ति के बारे में जानेंगे तो आपके हॊश उड़ जायेंगे। जाति के नाम पर आरक्षण एक अभिशाप है। देश के विकास में बाधा डालनेव...

भारत में मुस्लिम साम्राज्य का विस्तार (भाग 1 )

 "मातृभूमि का रक्षक वो हिंदू सूर्य महान है, राजपूतों की शान वो पृथ्वीराज चौहान है" पृथ्वीराज चौहान तृतीय और मोहम्मद गौरी - सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजपूत शक्ति का देदीप्यमान सूरज जिन्होंने अजमेर और दिल्ली पर शासन किया , वह अंतिम हिंदु शासक थे जिन्होंने दिल्ली पर राज किया । पृथ्वीराज चौहान और मोहमद गौरी के मध्य दो ऐतिहासिक युद्ध लड़े गए जो भारत में मुस्लिम सत्ता की नीव डालने वाले थे ।  जो कि गजनी का शासक था वह साम्राज्य विस्तार में पंजाब तक आ गया और पंजाब के कुछ हिस्से कब्जा जमा लिया था।  तराइन प्रथम युद्ध -  तराइन का प्रथम युद्ध 1191 ईस्वी में भटिंडा के पास तराइन के मैदान में लडा गया और इस युद्ध में राजपूत वीरों ने मुस्लिम आक्रांताओं को भगा दिया और इस युद्ध में पृथ्वी राज चौहान की विजय हुई इस युद्ध की भूल यह थी कि पृथ्वीराज चौहान ने गौरी को क्षमा दान दिया यह ऐतिहासिक भूल थी। तराइन द्वितीय युद्ध - यह युद्ध 1192ईस्वी में लडा गया और यह उसी जगह लडा गया । गौरी प्रथम युद्ध की हार के बाद बदला लेने को आतुर था और उसने षड्यंत्रों का सहारा लिया और पृथ्वीराज के शत्रु जयचंद गहरवाल...

बंद कमरे में कभी अंगीठी जलाकर नही सोना ??? : infinity studies

____==== बंद कमरे में अंगीठी क्यों न जलाये ===__ दोस्तों जनवरी के महीने में भारत के उत्तरी हिस्से में  सर्दी का प्रकोप बहुत ज्यादा है और लोग इस से बचने के लिए बहुत से उपाय कर रहे है कोई हीटर जला रहा तो कोई अंगीठी ।    तो दोस्तों जो हीटर और अंगीठी जला रहे है वो थोडा सावधानी से इसे उसे करे क्योकि जब आप इसका उसे करे तो हवा के पास होने को जगह जरूर दे और बंद कमरे में इन्हें कभी ना जलाये , तो इसे न जलाने का कारण क्या है तो सीधा सा जवाब देता हु 'हवा में मौजूद ऑक्सिजन को ये कम करने का काम ये करती है' अब आप कहेगे कैसे तो दोस्तों जब आप बंद कमरे में अंगीठी जलती है तब वहाँ लिमिट में ऑक्सिजन मौजूद रहती है और जब ये धीरे धीरे ख़त्म हो जाती है वहाँ पर कार्बन मोनो oxcide नाम की गैस जो की जहरीली होती है वो ले लेती है ये गैस बेहोशी लती है फिर यह खून के साथ जहर का काम करके आपको कुछ ही घंटो में मार डालती है ये मौत बेहोशी में ही हो जाती है । ऐसी घटनाये अब बोहूत हो रही है तो आपको इस लेख को ज्यादा से ज्यादा अपने दोस्तों तक जरूर बताये ।