सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

hariyalo rajasthan अभियान राजस्थान ! जाने

हरियालो राजस्थान योजना राजस्थान सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य राज्य को हरित और सुंदर बनाना है। इस योजना के तहत, राज्य सरकार वृक्षारोपण, जल संचयन और अन्य पर्यावरण संबंधी कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। *मुख्य उद्देश्य:* - राज्य में वृक्षारोपण को बढ़ावा देना और वन क्षेत्र को बढ़ाना - जल संचयन और जल संरक्षण को प्रोत्साहित करना - पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम करना - राज्य को सुंदर और हरित बनाना *कार्यक्रम और गतिविधियाँ:* - वृक्षारोपण अभियान: राज्य सरकार वृक्षारोपण अभियान चला रही है, जिसमें लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। - जल संचयन: राज्य सरकार जल संचयन के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रही है, जैसे कि वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण। - पर्यावरण संरक्षण: राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रही है, जैसे कि प्रदूषण नियंत्रण और वन संरक्षण। *लाभ:* - राज्य को हरित और सुंदर बनाने में मदद मिलेगी - पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी - जल संचयन और जल संरक्षण में मदद मिलेगी - लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागर...

संविधान में अनुसूची के बारे में महत्वपूर्ण बातें [ 8 वी अनुसूची ]

 ● संविधान की अनुसूची के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी
👇current gk 
✅ – 8वीं अनुसूची
👇
➡️ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीएम को “छत्तीसगढ़ी भाषा को” 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की है|

➡️ 8वीं अनुसूची में संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त 22 प्रादेशिक भाषाओं का उल्लेख है।

➡️ इस अनुसूची में आरम्भ में 14 भाषाएँ (असमिया, बांग्ला, गुजराती, हिन्दी, कन्नड़, कश्मीरी, मराठी, मलयालम, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु, उर्दू) थीं।

➡️ वर्ष 1967 में सिंधी को, 1992 में कोंकणी, मणिपुरी,नेपाली को, 2003 बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली को शामिल किया गया|

✅ संविधान में अनुसूची
👇
✔️1- राज्यों और संघ शासित प्रदेशों की सूची
✔️2- वेतन विवरण
✔️3- शपथ 
✔️4- राज्यसभा में सीटों का आवंटन
✔️5- अनुसूचित क्षेत्रों और जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण
✔️6- असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में जनजातीय क्षेत्र के प्रशासन के प्रावधान
✔️7- विषय सूचियां।
✔️8 - भारत की आधिकारिक भाषाएं
✔️9- भूमि कार्यकाल, भूमि कर, रेलवे, उद्योग से संबंधित कार्य और आदेश शामिल हैं।
✔️10- दल-बदल कानून
✔️11- पंचायती राज 
✔️12- नगर निगम
[✅Current Affairs [ Current Affairs | Today Current Affairs GK | Current Affairs 2020
Latest Current Affairs 2020 for Banking, SSC, UPSC & All Competitive Exams

Current Affairs: Read and Download Daily, Monthly & Yearly Current Affairs in PDF for preparation of Banking Exams, SSC Exams, Railway, UPSC, IAS/PCS, UPPSC, rpsc 】

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

rajasthan board result ( New Result 12th science )

Rajasthan 12th science result (rbse science result ) Rajresult.nic.in राजस्थान बोर्ड का रिजल्ट जानने के लिए राजस्थान बोर्ड के साइट पर जाकर अपना रोल नंबर और अपने नाम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान 8 जुलाई को 4:00 बजे अपना रिजल्ट घोषित कर रहा है और यह रिजल्ट राजस्थान बोर्ड की साइट पर आ रहा है इस रिजल्ट को देखने के लिए विद्यार्थी अपने रोल नंबर को अवश्य याद रखें इस बार कोरोनावायरस की वजह से सभी परीक्षाओं में देरी के चलते पहली बार इतना लेट रिजल्ट प्रकाशित हो रहा है इसलिए  बोर्ड चाहता है कि विद्यार्थियों को अब और परेशानी का सामना न करना पड़े इसके लिए वह जल्द ही दसवीं बोर्ड का रिजल्ट भी जारी कर देगा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही यूनिवर्सिटी एग्जाम के बारे में भी अपनी राय अवश्य देंगे

जैसलमेर के ऐतिहासिक जैन मंदिर Jain Temples of Jaisalmer

राजस्थान की धरती क्षत्रिय की धरती रही है और कण कण में स्वाभिमान और मिट्टी के प्रति प्रेम है। राजस्थान की राजधानी जयपुर से कुछ 400 से 500 km की दूरी पर राजस्थान के सोने की नगरी यानी स्वर्णनगरी जैसलमेर स्थित है जो भाटी राजपूतों की रियासत थी। इस सिटी का नाम स्वर्णनगरी इसके पीले संगमरमर से बने आलीशान महलों इमारतों से हुआ है इस शहर में सभी घर पीले संगमरमर से बने है जो चमकती धूप में सोने का अहसास दिलाते है। भाटी राजाओं ने आज से 865 साल पहले इसे बसाया और सोनार किला बनवाया । सोनार किला के भीतर जैन टेंपल और अन्य कई हवेलियां है और इस किले के भीतर एक पूरा शहर बसा है यह राजस्थान का दूसरा बड़ा किला है।  Jain Temples of Jaisalmer - Jain Mandir Jaisalmer fort YouTube video पतली पतली इसकी गलियों से होते हुए जैन टेंपल के समूह आता है जो अपनी नक्काशी , स्थापत्य और मूर्तिकला के लिए जाना जाता है इसकी स्थापत्य और भवन निर्माण अदभुत है यह भगवान महावीर जी का मंदिर है और इसकी स्थापत्य देखते ही बनती है। इन मंदिरों का निर्माण 400 से 600 साल के बीच माना जाता है। यह मंदिर किले के दर्शनीय स्थलों में ...

आखिर क्यों राजपुताना राज़ को अंग्रेज़ो से करनी पड़ीं संधि ?? : infinity studies

  राजस्थान वीर सपूतों की जन्मभूमि है  और यहाँ ऐसेऐसे वीर योद्धाओं ने जन्म लिया है जिन्होंने अपने मातृभूमि और स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण तक की आहुति दी है।  राजस्थान जहाँ वीर सपूत बाप्पा रावल , सम्राट पृथ्वीराज चौहान ,राणा हम्मीर, रावल रतन  सिंह, महान राणा कुंभ, परम श्रेठ राणा संग्राम सिंह, महाराज मालदेव, वीर दुर्गादास राठौर जेसे  महावीर पराक्रमी अपनी जन्मभूमि को  प्राणों से प्रिय मानने वाले पुण्य आत्माओं ने अपने खून से सींचा हैं ।   ऐसे वीर सपूतो की भूमि आखिर क्यों अंग्रेज़ो के संधि की भेंट हुई। राजपुताना की संधि :   राजपुताना जब मेवाड़ ,जयपुर और जोधपुर, के राजा जो मुग़ल के साथ थे तब तक यह शांति  थी परंतु जब मुग़ल की केंद्रीय सत्ता का लोप औरंगज़ेब के पश्चात  अंत हुआ तो ये सव्तंत्र राज़ को प्राप्त हुये तब तक यह सही था परंतु तभी एक और केंद्रीय सत्ता मराठा  आगमन हुआ और यह राज़ की एक  परिभाषा गढ़ने वाले थे और इन्होंने राजस्थान में ऐसा हस्तक्षेप किया की राजस्थान की सारी जनता यहाँ तक की राजाओं को एक ऐसी संधि की और व...