सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

hariyalo rajasthan अभियान राजस्थान ! जाने

हरियालो राजस्थान योजना राजस्थान सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य राज्य को हरित और सुंदर बनाना है। इस योजना के तहत, राज्य सरकार वृक्षारोपण, जल संचयन और अन्य पर्यावरण संबंधी कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। *मुख्य उद्देश्य:* - राज्य में वृक्षारोपण को बढ़ावा देना और वन क्षेत्र को बढ़ाना - जल संचयन और जल संरक्षण को प्रोत्साहित करना - पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम करना - राज्य को सुंदर और हरित बनाना *कार्यक्रम और गतिविधियाँ:* - वृक्षारोपण अभियान: राज्य सरकार वृक्षारोपण अभियान चला रही है, जिसमें लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। - जल संचयन: राज्य सरकार जल संचयन के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रही है, जैसे कि वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण। - पर्यावरण संरक्षण: राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रही है, जैसे कि प्रदूषण नियंत्रण और वन संरक्षण। *लाभ:* - राज्य को हरित और सुंदर बनाने में मदद मिलेगी - पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी - जल संचयन और जल संरक्षण में मदद मिलेगी - लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागर...

विज्ञान की दुनिया के रोचक नाम और उनके अध्ययन की सीमाये [ रोचक नाम और उनके अध्ययन के दायरे ]

🔰 महत्वपूर्ण शाखाएं ✅

●फिजियोग्राफी- प्राक्रतिक भूगोल का अध्ययन।
●फाइकोलोजी- शैवालोँ का अध्ययन।
●पोमोलोजी- फलोँ, फूलोँ का अध्ययन।
●पैलियोण्टोलोजी- जीवाश्मोँ का अध्ययन।
●पैरालोजी- स्पंजोँ का अध्ययन।
●पैथोलोजी रोगोँ की प्रक्रति के कारण, उपचार आदि का अध्ययन।
●पैडोलोजी -मिट्टी का अध्ययन।
●पेडागोजी - अध्यापन कला का अध्ययन।
●पीसीकल्चर - मछलियों का व्यापारिक उत्पादन का अध्ययन।
●न्यूरोलोजी -तंत्रिका तंत्र का अध्ययन।
●न्यूरोलॉजी- तंत्रिकाओं (नाड़ी) का अध्ययन।
●न्यूमेरोलोजी अंकोँ का अध्ययन।
●न्यूमिस्मेटिक्स -पुराने सिक्कों का अध्य्यन।
●ट्राइबोलोजी -घर्षण एवं स्नेहक का अध्ययन।
●जेनेटिक्स -जीवोँ के आनुवंशिक लक्षणोँ के पीढी दर पीढी हस्तांतरण की प्रकिया का अध्ययन।

🔰 महत्वपूर्ण शाखाएं Part-2 🔰

●क्रायोजेनिक्स- निम्न ताप पर वस्तुओँ के गुणोँ और अन्य परिघटनाओँ का अध्ययन।
●कोस्मोलोजी- ब्रह्माण्ड के जन्म, विकास और विलोपन का अध्ययन किया जाता है।
●कोस्मोलॉजी- ब्रहाण्ड का अध्ययन।
●कैलोलॉजी- मनुष्य के सौन्दर्य का अध्ययन।
●कीमोथेरैपी रासायनिक यौगिको से कैँसर का उपचार किया जाता है।
●कार्डियोलोजी- ह्रदय की रचना तथा रूधिर कार्यविधि का अध्ययन।
●औनीरोलॉजी स्वप्नों का अध्ययन।

●ओस्टियोलोजी अस्थियोँ का अध्ययन।
●ओलेरीकल्चर- सब्जियों की व्यापारिक कृषि।
●ओलिवोकल्चर -जैतून की कृषि का अध्ययन।
●ओरनीथोलोजी- पक्षियोँ से सम्बन्धित अध्ययन।
●ओप्टिक्स- प्रकाश के प्रकार व गुणोँ का अध्ययन।
●ओडोण्टोलोजी -दाँत व मसूङोँ का अध्ययन।
●ऑस्टियोलॉजी -हड्डियों का अध्ययन।
●ऑरनीथोलॉजी -पक्षियों का अध्ययन।
●ऐस्ट्रोनोटिक्स -यह अन्तरिक्ष यानो से सम्बन्धित विज्ञान है।
●ऐन्थोलोजी- पुष्प सम्बन्धित विज्ञान की शाखा है।
●ऐण्टोमोलोजी -कीट पतंगोँ का अध्ययन।
●ऐक्रोबेटिक्स -व्यायाम सम्बन्धी विज्ञान की शाखा है।
●ऐक्रोबेटिक्स -व्यायाम सम्बन्धी विज्ञान की शाखा है।
●ऐक्रोबेटिक्स -व्यायाम सम्बन्धी विज्ञान की शाखा है।
●एस्ट्रोलॉजी -मानव पर ग्रह–नक्षत्र के प्रभाव का अध्ययन।
●एस्ट्रोनॉमी- खगोलीय पिण्डों का अध्ययन।
●एरोनोटिक्स -वायुयान सम्बन्धी विज्ञान की शाखा है।
●एपीग्राफी- शिलालेख सम्बन्धी ज्ञान का अध्ययन।
●एपीकल्चर- मधुमक्खियोँ के पालन का अध्ययन।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

rajasthan board result ( New Result 12th science )

Rajasthan 12th science result (rbse science result ) Rajresult.nic.in राजस्थान बोर्ड का रिजल्ट जानने के लिए राजस्थान बोर्ड के साइट पर जाकर अपना रोल नंबर और अपने नाम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान 8 जुलाई को 4:00 बजे अपना रिजल्ट घोषित कर रहा है और यह रिजल्ट राजस्थान बोर्ड की साइट पर आ रहा है इस रिजल्ट को देखने के लिए विद्यार्थी अपने रोल नंबर को अवश्य याद रखें इस बार कोरोनावायरस की वजह से सभी परीक्षाओं में देरी के चलते पहली बार इतना लेट रिजल्ट प्रकाशित हो रहा है इसलिए  बोर्ड चाहता है कि विद्यार्थियों को अब और परेशानी का सामना न करना पड़े इसके लिए वह जल्द ही दसवीं बोर्ड का रिजल्ट भी जारी कर देगा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही यूनिवर्सिटी एग्जाम के बारे में भी अपनी राय अवश्य देंगे

जैसलमेर के ऐतिहासिक जैन मंदिर Jain Temples of Jaisalmer

राजस्थान की धरती क्षत्रिय की धरती रही है और कण कण में स्वाभिमान और मिट्टी के प्रति प्रेम है। राजस्थान की राजधानी जयपुर से कुछ 400 से 500 km की दूरी पर राजस्थान के सोने की नगरी यानी स्वर्णनगरी जैसलमेर स्थित है जो भाटी राजपूतों की रियासत थी। इस सिटी का नाम स्वर्णनगरी इसके पीले संगमरमर से बने आलीशान महलों इमारतों से हुआ है इस शहर में सभी घर पीले संगमरमर से बने है जो चमकती धूप में सोने का अहसास दिलाते है। भाटी राजाओं ने आज से 865 साल पहले इसे बसाया और सोनार किला बनवाया । सोनार किला के भीतर जैन टेंपल और अन्य कई हवेलियां है और इस किले के भीतर एक पूरा शहर बसा है यह राजस्थान का दूसरा बड़ा किला है।  Jain Temples of Jaisalmer - Jain Mandir Jaisalmer fort YouTube video पतली पतली इसकी गलियों से होते हुए जैन टेंपल के समूह आता है जो अपनी नक्काशी , स्थापत्य और मूर्तिकला के लिए जाना जाता है इसकी स्थापत्य और भवन निर्माण अदभुत है यह भगवान महावीर जी का मंदिर है और इसकी स्थापत्य देखते ही बनती है। इन मंदिरों का निर्माण 400 से 600 साल के बीच माना जाता है। यह मंदिर किले के दर्शनीय स्थलों में ...

आखिर क्यों राजपुताना राज़ को अंग्रेज़ो से करनी पड़ीं संधि ?? : infinity studies

  राजस्थान वीर सपूतों की जन्मभूमि है  और यहाँ ऐसेऐसे वीर योद्धाओं ने जन्म लिया है जिन्होंने अपने मातृभूमि और स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण तक की आहुति दी है।  राजस्थान जहाँ वीर सपूत बाप्पा रावल , सम्राट पृथ्वीराज चौहान ,राणा हम्मीर, रावल रतन  सिंह, महान राणा कुंभ, परम श्रेठ राणा संग्राम सिंह, महाराज मालदेव, वीर दुर्गादास राठौर जेसे  महावीर पराक्रमी अपनी जन्मभूमि को  प्राणों से प्रिय मानने वाले पुण्य आत्माओं ने अपने खून से सींचा हैं ।   ऐसे वीर सपूतो की भूमि आखिर क्यों अंग्रेज़ो के संधि की भेंट हुई। राजपुताना की संधि :   राजपुताना जब मेवाड़ ,जयपुर और जोधपुर, के राजा जो मुग़ल के साथ थे तब तक यह शांति  थी परंतु जब मुग़ल की केंद्रीय सत्ता का लोप औरंगज़ेब के पश्चात  अंत हुआ तो ये सव्तंत्र राज़ को प्राप्त हुये तब तक यह सही था परंतु तभी एक और केंद्रीय सत्ता मराठा  आगमन हुआ और यह राज़ की एक  परिभाषा गढ़ने वाले थे और इन्होंने राजस्थान में ऐसा हस्तक्षेप किया की राजस्थान की सारी जनता यहाँ तक की राजाओं को एक ऐसी संधि की और व...